आजमगढ़। जनपद के अतरौलिया थाना क्षेत्र के ग्राम छितौनी स्थित गोविंद साहब मठ की धार्मिक भूमि को फर्जी तरीके से हड़पने का मामला सामने आया है। इस संबंध में शगुफ्ता खान पत्नी एहसान खान ने 7 अगस्त 2026 को थानाध्यक्ष अतरौलिया को प्रार्थना पत्र देकर पूर्व मंत्री बलराम यादव, संग्राम यादव, राम सागर यादव, महंत हरिशंकर दास और लेखपाल भानु प्रताप वर्मा समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही की मांग की है। पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री और कप्तान आजमगढ़ को भी भेजी गई है। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि ग्राम छितौनी, परगना अतरौलिया में गाटा संख्या 25/0.170 हे. की भूमि गोविंद साहब मठ की है। इस भूमि पर बाबा टक-टका दास की समाधि, प्राचीन पीपल और पोखरा मौजूद है। आरोप है कि 2005 में पंचायती राज्य मंत्री रहते हुए बलराम यादव ने अपने लड़के संग्राम यादव के साथ मिलकर सत्ता का दुरुपयोग कर मठ के तत्कालीन महंत कोमल दास के मृत्यु उपरांत एक 11 से हरिशंकर दास के नाम फर्जी वरासत करा दी। इसके बाद 17.5.2005 को उक्त भूमि अपने दूसरे लड़के राम सागर यादव के नाम रजिस्ट्री करा ली गई। शगुफ्ता खान का कहना है कि जब 2009 में मामले का विरोध हुआ तो दबाव में 22.12.2009 को राम सागर यादव ने यह भूमि उपजिलाधिकारी आलापुर को दान कर दी, जबकि वह भूमि के मालिक ही नहीं थे। इस संबंध में तत्कालीन उपजिलाधिकारी बुढ़नपुर रामसय गौतम ने 9.2.2010 को कलेक्टर को रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें फर्जी वरासत करने वाले लेखपाल भानु प्रताप वर्मा पर कार्यवाही की संस्तुति भी थी। पीड़ित पक्ष ने 2010 से अब तक थानाध्यक्ष, कप्तान और आईजी को कई बार प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। शगुफ्ता खान ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उक्त सभी लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए। उन्होंने उप जिलाधिकारी की रिपोर्ट और पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों की प्रति भी संलग्न की है। Post navigation जिला आजमगढ़ थाना सरायमीर क्षेत्र की खबर हैगुजरात से युवक का शव गांव मे पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम, पत्रकारों के जिला कमेटी ने दी आर्थिक सहायतामोहम्मद खालिद खान की रिपोर्ट 1993-94 में आयुर्वेद घोटाला सुप्रीम कोर्ट में पैरवी को लेकर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांगएहसान खान ने बलराम यादव के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन प्रकरण में तेजी लाने की उठाई मांग प्रदेश की राजनीति में मचा हड़कंपआजमगढ़। 1993-94 में आयुर्वेद विभाग में हुए करोड़ों के घोटाले के मामले में सुप्रीम कोर्ट में लंबित पैरवी को लेकर पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी एवं समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य एहसान खान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। एहसान खान ने 7 अगस्त को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बलराम यादव पर आयुर्वेद निदेशक के साथ मिलकर स्वीकृत बजट से कई गुना अधिक धनराशि निकालने का आरोप है। विजिलेंस जांच में घोटाला उजागर होने के बाद 2017 में कुछ लोगों पर कार्यवाही और करीब 16 लाख की रिकवरी भी हुई थी। पत्र के अनुसार, मामला हाईकोर्ट से होते हुए सीबीआई जांच के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। मार्च 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने बलराम यादव को नोटिस जारी किया था, लेकिन 8 वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रदेश सरकार के लॉ डिपार्टमेंट द्वारा मामले में प्रभावी पैरवी नहीं की गई है। एहसान खान ने पत्र में आरोप लगाया कि बलराम यादव पर सबूतों से छेड़छाड़ और खाद घोटाले में भी नाम आने की बात सामने आई थी, लेकिन उसमें अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि विजिलेंस की पत्रावली का अवलोकन कर लॉ डिपार्टमेंट को निर्देशित किया जाए और सीबीआई द्वारा की गई पैरवी की जानकारी ली जाए। साथ ही खाद घोटाले की भी जांच कराकर जनता का लूटा गया पैसा ब्याज सहित वसूल किया जाए। एहसान खान ने पत्र की प्रतिलिपि केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी भेजी है।