!!.मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव का नतीजा सिर्फ़ एक सीट का फै़सला नहीं माना जा रहा है बल्कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में यह भाजपा की पहली बड़ी चुनावी परीक्षा थी । टिकिट बदला पूरी ताकत झोंकी, फिर भी सीट नहीं बचा सकी भाजपा ।दूसरी तरफ़ कांग्रेस भी ऐसा चुनाव लड़ रही थी, जहां प्रचार ख़त्म होने से एक दिन पहले ही उसे अपने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित करना पड़ा । इसके बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार कुंवर घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को हरा दिया ।यह वही सीट थी जो कांग्रेस विधायक रहे राजेंद्र भारती की बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में दोषसिद्धि के बाद विधानसभा सदस्यता ख़त्म होने से ख़ाली हुई थी। चुनाव प्रचार के आख़िरी दिनों में कांग्रेस के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए थे । कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने राजेंद्र भारती पर बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया। दूसरी तरफ़ राजेंद्र भारती ने दावा किया कि घनश्याम सिंह के संबंध बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से हैं । डवरा विधानसभा क्षेत्र से तीन बार और दतिया विधानसभा क्षेत्र से तीन बार यानि छह बार के विधायक और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की नाराजगी भारी पड़ी । यहां पूर्व गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा का जलवा बरकरार है। Post navigation Previous Post पुलिस चौकी से चंद कदम दूर नाले में मिला शव, जांच में जुटी पुलिस