अहरौला, आजमगढ़।उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, लखनऊ एवं कंपोजिट विद्यालय पिपरी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय अवधी लोक नृत्य कार्यशाला का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह कार्यशाला 11 जून से 20 जून तक विद्यालय के सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की गई।कार्यशाला का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति एवं परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना था। प्रशिक्षण शिविर में 50 छात्र-छात्राओं एवं युवाओं ने नियमित रूप से भाग लेकर अवधी लोक नृत्य की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया।कार्यशाला में प्रशिक्षिका दिव्या सिंह ने प्रतिभागियों को अवधी लोक नृत्य की विविध शैलियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि प्रारंभ में बच्चों की भागीदारी अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन धीरे-धीरे उनके भीतर लोक नृत्य सीखने के प्रति विशेष रुचि, उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि युवाओं में रचनात्मकता, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों का भी विकास करते हैं।कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रशिक्षिका दिव्या सिंह ने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाण पत्र वितरित किए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण एवं प्रमाण पत्र भविष्य में प्रतिभागियों के लिए विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षिक अवसरों पर उपयोगी सिद्ध होंगे।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और सभी ने भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की। Post navigation स्वस्थ आयु के लिए योग* 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि- प्रबंध निदेशक, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम शम्भू कुमार की उपस्थिति 24 जून 2026सोशलिस्ट किसान सभा और पूर्वांचल किसान यूनियन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है