दसवीं कक्षा का 16 वर्षीय विद्द्यार्थी दिव्यांशु मौर्य पुत्र विनोद मौर्या की मौतमां बाप के एकलौती औलाद की साथी द्वारा जहर खिलाकर मौत के घाट उतार दिया जाता है। जहर इतना प्रभावी था की कुछ ही मिनटों में जान चली गई डॉक्टर भी जान बचाने में असफल रहे घटना 21 मई की है तभी से पीड़ित परिजन लगा रहे थे थाने का चक्कर हत्या के कई दिन बाद लिखी गई F.I. R. 2 वर्ष पहले शिक्षा निकेतन नेवादा सूर्यभान सिंह इंटर कॉलेज में पढ़ाई करता था उसके बाद इसकी पढाई मां शारदा प्रसाद समिति रामगढ़ अंबेडकर नगर मे चल रही थी इस दिव्यांशु का दोस्त अंकित श्रीवास्तव पुत्र सत्येंद्र श्रीवास्तव ग्राम नेवादा अंबेडकर नगर 21/5/ 2026 को लगभग शाम 3:00 से 4:00 बजे के बीच घर से कुछ दूरी पर बुलाया और अपने पास से चने निकाला और इससे कहा कि आओ चने खाते हैं दोस्त के कहने पर दिव्यांशु खाना शुरू किया एक बार खाने के बाद बोला स्वाद इसका गड़बड़ है वह लड़का बोला अबे इसी तरह है उसके बाद वह वहां से चला गया कुछ ही पल बाद दिव्यांशु को अजीब सा लगने लगा और तबीयत ख़राब होने लगी, बिगड़ती तवियत देख मित्र अंकित श्रीवास्तव वहाँ से हट लिया। दिव्यांशु ने स्थिति खराब होते देख अपने पिता विनोद मौर्य के पास फोन किया आनन फानन में पिता बेटे को लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचे जहां पर उसकी तबीयत बिगड़ती ही गई तबीयत बिगड़ती देख डॉक्टर डॉक्टर ने ग्लोबल हॉस्पिटल आजमगढ़ रेफर कर दिया जहाँ डाक्टरों ने स्थिति गंभीर देख इलाज के दौरान ही वीडियो रिकॉर्डिंग कर बयान भी दर्ज कर लिए। वीडियो पिता के पास है विडियो मे स्पष्ट सुनाई पड़ रहा है बच्चे के साथ क्या हुआ वह नाम लेकर डॉक्टर से बताया धीरे-धीरे तबीयत बिगड़ती गई कुछ ही समय बात उसकी सांसे थम गई समाचार लिखे जाने तक जब इसकी सूचना पुलिस को मिली पुलिस मृत वाडी को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया Post navigation अकीदत के साथ मनाया गया ईद-उल-अजहा, सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रही पुलिस आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र के रेनबो हॉस्पिटल में बच्चा बदलने के मामले ने तूफ़ान खड़ा कर दिया है